वो बोला :
कहो तो थोडा हाथ बटा दू?
आखिर तुम्हारे भी तो दो ही हाथ है
आज बहोत आगे हो..खुश हो ना ?
कहो..अगर कोई बात है...
वो बोली :
सूनते रहते हो ना तुम ..
"बेटा, वक्त पर खाना खा लेना" ,"भैय्या, जल्दी घर आ जाना"
"अजी..संभलकर ड्राइव्ह करना", "'पापा,दवाई समय से लेना"
हा..शक्ती हूँ मै..पर अपनोंका खयाल भी रखती हूँ
डरती हू मगर..तुम्हारे डर को भी पहचान सकती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
आजादी के आकाश में उडती हूँ
पर मर्यादा और लिहाज की सीमाए भी जानती हूँ
पूजा नहीं चाहती लेकिन
मेरे पीठ-पीछे मेरे हुनर और जिगर के बजाय
मेरी फिगर की बात न हो..बस..इतनी-सी बात है..
चुल्हा-चौका, झाडू-पोछा , कागज-कलम
दफ्तर-वफ्तर,बच्चों की पढ़ाई..
गप्पे-शप्पे, रंगोली,सिलाई या कढाई..
जो भी करू दिमाग के साथ दिल भी लगाती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
थक जाती हूँ कभी कभी
मगर तुम यूँ ..कदर करते हो न
तब बहुत खुश होती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
बेशक खूश हूँ मैं
आखिर औरत-मर्द जंग थोडेही है ?
जीवन अगर महफिल है ,
तो उसे हरदम सुरीली बनाये रखना
ये मेरी जज़्बात है..
न तुम्हारे आगे, न तुम्हारे पीछे
बस..साथ चलने की बात है..
सच कहती हूँ..बस..इतनी-सी बात है..
#यूँही...
#From_Woman's_Heart...
#Respect_Everyone_Irrespective_of_Gender
-अमिता
कहो तो थोडा हाथ बटा दू?
आखिर तुम्हारे भी तो दो ही हाथ है
आज बहोत आगे हो..खुश हो ना ?
कहो..अगर कोई बात है...
वो बोली :
सूनते रहते हो ना तुम ..
"बेटा, वक्त पर खाना खा लेना" ,"भैय्या, जल्दी घर आ जाना"
"अजी..संभलकर ड्राइव्ह करना", "'पापा,दवाई समय से लेना"
हा..शक्ती हूँ मै..पर अपनोंका खयाल भी रखती हूँ
डरती हू मगर..तुम्हारे डर को भी पहचान सकती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
आजादी के आकाश में उडती हूँ
पर मर्यादा और लिहाज की सीमाए भी जानती हूँ
पूजा नहीं चाहती लेकिन
मेरे पीठ-पीछे मेरे हुनर और जिगर के बजाय
मेरी फिगर की बात न हो..बस..इतनी-सी बात है..
चुल्हा-चौका, झाडू-पोछा , कागज-कलम
दफ्तर-वफ्तर,बच्चों की पढ़ाई..
गप्पे-शप्पे, रंगोली,सिलाई या कढाई..
जो भी करू दिमाग के साथ दिल भी लगाती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
थक जाती हूँ कभी कभी
मगर तुम यूँ ..कदर करते हो न
तब बहुत खुश होती हूँ,
बस..इतनी-सी बात है..
बेशक खूश हूँ मैं
आखिर औरत-मर्द जंग थोडेही है ?
जीवन अगर महफिल है ,
तो उसे हरदम सुरीली बनाये रखना
ये मेरी जज़्बात है..
न तुम्हारे आगे, न तुम्हारे पीछे
बस..साथ चलने की बात है..
सच कहती हूँ..बस..इतनी-सी बात है..
#यूँही...
#From_Woman's_Heart...
#Respect_Everyone_Irrespective_of_Gender
-अमिता

Perfect description of emotions on perfect day 😊
ReplyDeleteThanks a lot ��
ReplyDelete