Sunday, 13 May 2018


मुस्कान जो झलकती है 
तुमसेही मिली है 
उलझनोंके बावजूद जिंदगी  
तुमसेही खिली है..
आता है गुस्सा जब-जब डाँट तुमसे पडती है  
पर जानती हो तुम भी..ये गाडी ऐसेही आगे बढती है
दामन तेरा है- दुवाओंका आस्माँ..
ख़ुशियोंके सागर को,कतरा तो दे सकू,
यही चाहत है माँ...
                                     -©️अमिता   
#यूँही...(MothersDay_2018)_DedicatedTo_Mothers_inTheWorld
(*कतरा- drop/tukda)
(PC- google)