रिश्तें दुनियादारी सीखते हैं,
तो हाथों से छुटते हैं
कुछ लुटाते रहते हैं जिंदगीभर..
तो कुछ..बस लूटते हैं
क्या खोया, क्या पाया
इसका ज्यादा हिसाब ना कर,
पढ़ते पढ़ते मैली..
जिंदगी की किताब ना कर..
दुख में त्यागो विषाद
और सुख में -अभिमान !
मुस्कुराकर कर्म करना,
कह गये कृपानिधान...
#यूँही...
#LessonsOfLife -©अमिता
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