अमिताक्षरे
- मनाच्या आसमंतात भिरभिरणारी पाखरे...
Tuesday, 15 January 2019
दिल पतंग पतंग है यारा,
बस पक्की रखना डोर
भूल न जाना जमीन को
चाहे उडना चारो ओर..
तिल-सा स्नेह भरो दिल में तो
सुहाना हो जाय हर पल,
गुड कहे, कर ले तू भी..
मिठ्ठी-मिठ्ठी गल...!
#यूँही...
- ©️अमिता
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