
बिजली ने सोचा..चलो, आज कुछ करते है
इस दीवाने बादल को
आज जरा परखते है
वो बोली- मत बरसो, तुमने देर करदी इसलिए
शायद..सृष्टी तुमसे खफा है..
बादल ने कहा..ना..हम तो बरसेंगे यूँही..क्योंकि,
इंतजार में हमने, देखी उसकी वफा है...
खुश होके इस बात पर,
बिजली जब खिलखिलाई
गूँज उठा आसमान और सृष्टी थरथराई
इठलाती हवा ने छेडा तो बादल भी फुटे..और..
बरसात हुई...!
-अमिता
#यूँही_बरसात

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