देखो तो वीरानिया, सोचो तो बहार है
सादगी का भी यारों, अलग-सा श्रिंगार है..
खामोशियाँ भी गूँजती है दिलों में,
अगर गौर से हम सुनते हैं..
उन बेजुबान होठोंपर मुस्कान देखी
तो याद आया- हम भी तो हसना जानते है...
#यूँही
-अमिता
PC- unknown photographer(thanks..got from google)
सादगी का भी यारों, अलग-सा श्रिंगार है..
खामोशियाँ भी गूँजती है दिलों में,
अगर गौर से हम सुनते हैं..
उन बेजुबान होठोंपर मुस्कान देखी
तो याद आया- हम भी तो हसना जानते है...
#यूँही
-अमिता
PC- unknown photographer(thanks..got from google)

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